विधायक प्राथमिकताओं पर मुख्यमंत्री की बैठक, नाबार्ड से 713.87 करोड़ की 73 योजनाएं स्वीकृत

शिमला 06 फरवरी चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विधायकों की प्राथमिकताओं को तय करने हेतु पहले दिन के पहले सत्र में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान नाबार्ड से 713.87 करोड़ रुपये की 73 योजनाएं स्वीकृत करवाई जा चुकी हैं। इनमें 512.31 करोड़ रुपये की 55 विधायक प्राथमिकता योजनाएं लोक निर्माण विभाग से तथा 201.56 करोड़ रुपये की 18 योजनाएं जल शक्ति विभाग से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बजट का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए और नाबार्ड कार्यालय में प्रतिपूर्ति दावे 15 मार्च 2026 से पहले जमा किए जाएं। साथ ही मार्च 2026 तक और अधिक योजनाएं स्वीकृत करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के तीन वर्ष लोककल्याणकारी नीतियों, पारदर्शी शासन और सुधारों के रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना, युवाओं व महिलाओं को सशक्त बनाना और हिमाचल को हरित ऊर्जा सम्पन्न व आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करना है।उन्होंने 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह पहाड़ी राज्यों के साथ अन्याय है। 15वें वित्त आयोग ने हिमाचल के लिए 37,199 करोड़ रुपये की सिफारिश की थी, जबकि अनुदान बंद होने से प्रदेश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अनुदान बहाल करने और विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की।बैठक में ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों, पेयजल, सीवरेज, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और परिवहन से जुड़ी मांगें रखीं। चिंतपूर्णी मंदिर विस्तार, गगरेट अस्पताल, ऊना सीवरेज, कुटलैहड़ जल योजनाएं, भोरंज सीसीयू, बड़सर बस अड्डे, नाहन मेडिकल कॉलेज, रेणुकाजी पर्यटन विकास और पांवटा साहिब के पुल व सिंचाई योजनाओं जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने उम्मीद जताई कि विधायकों के सुझावों से विकास को गति मिलेगी। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। बैठक में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उपायुक्त उपस्थित रहे।