डलहौजी सिविल अस्पताल में करोड़ों की संपत्ति धूल चाट रही, सेंट्रल हीटिंग प्लांट एक दशक बाद भी बंद

डलहौजी/ चम्बा , 11 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश के डलहौजी नागरिक अस्पताल में 2017 में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सेंट्रल हीटेड प्लांट आज तक शुरू नहीं हो सका है। सर्दी के प्रचंड कहर के बीच करोड़ों की सरकारी संपत्ति धूल फांक रही है, जबकि भर्ती मरीज कंबल-रजाइयों के बावजूद ठिठुरने को मजबूर हैं। यह प्लांट विशेष रूप से हिल स्टेशन डलहौजी में उपचाराधीन मरीजों को ठंड से राहत देने के लिए बनाया गया था, लेकिन नौ वर्ष बीतने पर भी इसका संचालन शुरू न होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल हीटेड प्लांट मरीजों की सुविधा के लिए स्थापित किया गया ताकि सर्द मौसम में उन्हें कोई परेशानी न हो। फिर भी, यह सुविधा आज तक चालू नहीं हुई।

अस्पताल की एसएमओ डॉ. सीमा अत्री से बातचीत में उन्होंने बताया कि प्लांट चलाने के लिए ऑपरेटर की नियुक्ति हेतु सीएम कार्यालय को सूचित कर दिया गया है, लेकिन वहां से अब तक कोई जवाब नहीं आया। इस उदासीनता से मरीज परेशान हैं।यह समस्या अकेली नहीं है। कोरोना काल के बाद से अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट भी बंद पड़ा है। सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ऊपर से दवाइयों की कमी और अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधाओं का अभाव चिंता बढ़ा रहा है। दूर-दराज से आने वाले मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी से निराश हो जाते हैं।

क्षेत्र की जनता को सरकार के इस रवैये का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।स्थानीय विधायक डी.एस. ठाकुर ने इस मुद्दे पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि उन्होंने डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के सभी अस्पतालों की समस्याओं को लेकर कई बार सरकार से गुहार लगाई है। बीते कल प्रेस वार्ता में ठाकुर ने कहा, “16 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इन मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे, ताकि मरीजों को उनका हक मिले।” विधायक की इस पहल से उम्मीद जगी है कि जल्द ही समस्याओं का समाधान होगा। अस्पताल प्रशासन और सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, वरना जनता का विश्वास और कमजोर होगा।
