महंगाई की मार, पेट्रोल-डीजल, गैस और दूध की कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता बेहाल :- मनीष सरीन

डलहौजी/चंबा, 15 मई मुकेश कुमार (गोल्डी)
ड
आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं 2022 हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में डलहौजी क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मनीष सरीन ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी गैस सिलेंडर, सीएनजी और दूध की कीमतों में हुई वृद्धि ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।सरीन ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान कीमतों को कृत्रिम रूप से नियंत्रित रखा गया और जैसे ही चुनाव समाप्त हुए, महंगाई का बोझ जनता पर डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि इसका स्पष्ट उदाहरण है। उनके अनुसार, विपक्ष और आर्थिक विशेषज्ञों द्वारा पहले ही ऐसी आशंका जताई गई थी, जो अब सही साबित हो रही है।उन्होंने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि यहां महंगाई का प्रभाव मैदानी इलाकों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। पहाड़ों में सभी वस्तुएं सड़क मार्ग से पहुंचती हैं, जिससे ईंधन महंगा होने का सीधा असर खाद्य पदार्थों, दूध, परिवहन, पर्यटन और दैनिक जरूरतों पर पड़ता है।सरीन ने कहा कि प्रदेश में पहले ही अतिरिक्त सेस और आर्थिक दबाव मौजूद है, ऐसे में यह बढ़ोतरी “आर्थिक आपदा” बन सकती है। उन्होंने मध्यम वर्ग, किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं को सबसे अधिक प्रभावित बताया।अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से ईंधन और एलपीजी की कीमतों में तत्काल राहत देने, आवश्यक वस्तुओं पर सब्सिडी बढ़ाने और पहाड़ी राज्यों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की मांग की।