उघराल में निर्माणाधीन पेट्रोल पंप को लेकर ग्रामीणों का विरोध, वन भूमि में अवैध मलबा डंपिंग का आरोप

डलहौजी/ चम्बा 18 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
डलहौजी उपमंडल के अंतर्गत एनएच 154ए पर स्थित गांव उघराल में प्रस्तावित निर्माणाधीन पेट्रोल पंप को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पेट्रोल पंप के निर्माण कार्य के दौरान संबंधित पक्ष द्वारा वन भूमि में अवैध रूप से मलबा (मिट्टी/मक) डाला जा रहा है, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।ग्रामीणों के अनुसार निर्माण एजेंसी द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर बड़ी मात्रा में मिट्टी फेंकी गई है।

इसके चलते क्षेत्र में मौजूद कई चीड़ (चील) के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है, जबकि अनेक अन्य पेड़ सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध डंपिंग से न केवल वन संपदा प्रभावित हुई है, बल्कि क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ रहा है।ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि क्या संबंधित पक्ष ने विभाग से अधिकृत डंपिंग साइट की अनुमति ली थी या बिना किसी वैध स्वीकृति के ही वन भूमि में मलबा डाला गया। यदि बिना अनुमति यह कार्य किया गया है, तो यह वन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा एनएच प्राधिकरण को भी लिखित शिकायत सौंपी गई है।मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और स्थल का शीघ्र निरीक्षण किया जाए।

साथ ही अवैध रूप से डाले गए मलबे को हटाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।वहीं इस पूरे मामले पर वन विभाग के अधिकारी से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि उक्त निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के मालिकों के खिलाफ विभाग द्वारा दो बार चालान काटे जा चुके हैं, जिनके तहत एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वन विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य को फिलहाल बंद करवा दिया गया है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि भविष्य में इस तरह की गतिविधियां दोबारा सामने आती हैं तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।