चम्बा में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए IMNCI प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

चम्बा 06 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, जिला चम्बा द्वारा नवजात एवं बाल्यकालीन बीमारियों के समेकित प्रबंधन (IMNCI) के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) तथा आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी चम्बा डॉ. जालम भारद्वाज ने की।प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला चम्बा में नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में होने वाली सामान्य बीमारियों की समय पर पहचान, सही उपचार तथा उचित देखभाल के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता को और अधिक मजबूत बनाना है।

कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को नवजात एवं पांच वर्ष तक के बच्चों में होने वाली बीमारियों के प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जा रही है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी चम्बा डॉ. जालम भारद्वाज ने अपने संबोधन में कहा कि IMNCI कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल है। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं और पांच वर्ष तक के बच्चों में होने वाली प्रमुख बीमारियों जैसे निमोनिया, डायरिया, कुपोषण, बुखार, खसरा तथा अन्य संक्रमणों की शीघ्र पहचान कर समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने प्रशिक्षण में भाग ले रहे स्वास्थ्य कर्मियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ करें, ताकि जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को नवजात शिशु की प्रारंभिक देखभाल, स्तनपान के महत्व, कम वजन वाले शिशुओं की देखभाल, सामान्य बाल्यकालीन रोगों की पहचान और उपचार तथा आपातकालीन परिस्थितियों में उचित रेफरल प्रणाली : के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य अधिकारी चम्बा डॉ. कविता महाजन और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन ने रिसोर्स पर्सन के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुहेल और डॉ. करन हितेषी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान किए जा रहे हैं।