नाहन दौरे पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने 190 करोड़ की 17 विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन व शिलान्यास

सिरमौर 08 मार्च चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश सरकार सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सिरमौर जिले के नाहन में अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान लगभग 190 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 17 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में संतुलित विकास को प्राथमिकता देते हुए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने लगभग 152 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

इनमें नाहन शहर में 53.40 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट ग्रिड तकनीक का कार्यान्वयन तथा पांवटा साहिब में 43.66 करोड़ रुपये की लागत से स्मार्ट ग्रिड तकनीक लागू करने की परियोजना शामिल है। इसके अतिरिक्त 16.04 करोड़ रुपये की लागत से भेरों से आदि बद्री सड़क, 12.36 करोड़ रुपये की लागत से कांशिवाला से बिरोजा फैक्ट्री वाया जब्बल का बाग सड़क, 8.42 करोड़ रुपये की लागत से नाहन में मुख्य चिकित्सा कार्यालय भवन, 8.17 करोड़ रुपये की लागत से बर्मा पापरी–पालियों–माजरी सड़क के सुधार व उन्नयन तथा 6.98 करोड़ रुपये की लागत से सैनवाला झमेरिया–ब्रोगरिया–जामनवाला–चरूवाला–कोटला लिंक रोड के निर्माण का शिलान्यास किया गया।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने 3.13 करोड़ रुपये की लागत से एनएच-07 से भद्रकाली मंदिर होते हुए फॉरेस्ट चेक पोस्ट कोलर बिलासपुर तक संपर्क मार्ग के निर्माण का भी शिलान्यास किया।दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इनमें नाहन में 3.03 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित टेबल टेनिस-कम-स्क्वैश कोर्ट कॉम्प्लेक्स, धौला कुआं स्थित राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में 3.17 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास तथा 4.91 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अकादमिक खंड की दूसरी मंजिल शामिल है। इसके साथ ही 7.81 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय खंड, 2.41 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमोबाइल खंड और 3.30 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास का भी उद्घाटन किया गया।

मुख्यमंत्री ने 2.57 करोड़ रुपये की लागत से जुड्डा-का-जोहार से गांव गड्डा तक संपर्क सड़क, 3.80 करोड़ रुपये की लागत से कालाअंब में फायर पोस्ट भवन तथा नाहन में 5.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर का भी उद्घाटन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत 28 परिवारों को मालिकाना हक के पट्टे भी प्रदान किए और कहा कि सरकार आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।