हिमाचल बजट 2026-27, सख्ती और राहत का संतुलन, वेतन कटौती के साथ जनकल्याण पर फोकस

शिमला 22 मार्च चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह (सुख्खू) ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए आर्थिक अनुशासन और जनकल्याण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। इस बार राज्य का कुल बजट 54,928 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 3,586 करोड़ रुपये कम है। यह प्रदेश के इतिहास में पहली बार है जब बजट का आकार घटाया गया है।बजट में 6,577 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया गया है, जबकि कुल आय 40,361 करोड़ और व्यय 46,938 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। सरकार के अनुसार, हर 100 रुपये में से 27 रुपये वेतन, 21 रुपये पेंशन, 13 रुपये ब्याज और 9 रुपये कर्ज चुकाने में खर्च होंगे, जबकि केवल 20 रुपये विकास कार्यों पर लगाए जाएंगे।आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री के वेतन में 50 प्रतिशत, मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत और विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत की कटौती छह महीने के लिए लागू करने का ऐलान किया है। IAS, IPS और IFS अधिकारियों के वेतन में भी 30 प्रतिशत कटौती होगी, जबकि ग्रुप C और D कर्मचारियों तथा पेंशनरों को इससे बाहर रखा गया है।विधायक क्षेत्र विकास निधि को घटाकर 2.20 करोड़ से 1.10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके बावजूद सरकार ने जनकल्याण योजनाओं में राहत जारी रखते हुए एक लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की है।रोजगार के क्षेत्र में पुलिस विभाग में 1000 कांस्टेबल और 50 महिला सब-इंस्पेक्टर, तथा 645 पटवारियों की भर्ती की जाएगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में 300 डॉक्टर, 150 स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1000 करोड़ रुपये सड़कों और पुलों के निर्माण हेतु रखे गए हैं। हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से डेंटल कॉलेज और AIIMS Chamiyana में कैथ लैब की सुविधा शुरू की जाएगी।कुल मिलाकर यह बजट आर्थिक चुनौतियों के बीच सख्ती के साथ विकास और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाला माना जा रहा है।