किसानों-बागबानों को समर्पित बजट, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा:- केवल सिंह पठानिया

कांगड़ा/ रैहत 22 मार्च चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस(ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश सरकार के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को किसानों और बागबानों के हित में ऐतिहासिक बताते हुए उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह (सुख्खू) की दूरदर्शी सोच के चलते पहली बार कृषि, बागवानी और गरीब वर्ग के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया गया है।पठानिया रैहत में कृषि विज्ञान केंद्र कांगड़ा द्वारा आयोजित अनुसूचित जाति किसानों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे, जिसमें लगभग एक हजार किसानों ने भाग लिया।

उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल किसानों की क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।उन्होंने बताया कि सरकार ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए हिमाचल प्रदेश राज्य किसान आयोग के गठन की घोषणा की है, जो किसानों की समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभाएगा। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी (MSP) में भी बढ़ोतरी की गई है। हल्दी का एमएसपी (MSP) 150 रुपये प्रति किलोग्राम, अदरक का पहली बार 30 रुपये प्रति किलोग्राम, गेहूं 80 रुपये, मक्का 50 रुपये और जौ 80 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा बीज गांव योजना के तहत 50-100 किसानों के समूहों को प्रोत्साहित किया जाएगा और सामुदायिक बीज बैंक स्थापित किए जाएंगे। बीज उत्पादकों को 5 हजार रुपये प्रति बीघा की सब्सिडी तथा प्रत्येक बीज गांव को 2 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।पठानिया ने बताया कि हमीरपुर में आधुनिक प्रयोगशाला और मार्केटिंग सेल स्थापित किए जाएंगे। साथ ही भेड़ की ऊन के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम समर्थन मूल्य तय किया गया है। कार्यक्रम में किसानों को विभिन्न फसलों के पौधे और कृषि किट भी वितरित किए गए।
