धर्मांतरण पर SC दर्जा समाप्त करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वाल्मिक समाज ने किया स्वागत

डलहोजी/चम्बा 26 मार्च मुकेश कुमार (गोल्डी)
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 24 मार्च 2026 को दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले ने अनुसूचित जाति (SC) से जुड़े प्रावधानों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। न्यायालय के निर्णय के अनुसार, यदि कोई SC वर्ग से संबंधित व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर ईसाई या किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसका अनुसूचित जाति का दर्जा और उससे जुड़े सभी आरक्षण व लाभ तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाएंगे।इस फैसले पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वाल्मिक सभा चम्बा,डलहौजी,डलहौजी छावनी,बकलोह खैरी ने इस फैसले का स्वागत किया है वाल्मिक सभा डलहौजी छावनी के अध्यक्ष अरुण अटवाल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे समाज के हित में बताया।

उन्होंने कहा कि वाल्मिक समाज के कई लोग धर्मांतरण का शिकार हुए हैं, जबकि कुछ लोग स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर लेते हैं, लेकिन इसके बावजूद अनुसूचित जाति के लाभ लेते रहते हैं।अरुण अटवाल ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कुछ लोग दो धर्मों के बीच संतुलन बनाकर दोनों ओर के लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं, जो कि सामाजिक और कानूनी दृष्टि से उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे मामलों पर रोक लगाने में सहायक सिद्ध होगा और इससे वास्तविक लाभार्थियों को न्याय मिल सकेगा।