हिमाचल में निजी स्कूलों की फीस पर लगेगी लगाम, अब सरकार करेगी कानून में संशोधन

शिमला 28 मार्च चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली को लेकर लंबे समय से उठ रही शिकायतों के बीच अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। प्रदेश सरकार हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशन रेगुलेशन एक्ट 1997 में संशोधन की तैयारी कर रही है, ताकि निजी स्कूलों की फीस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके और अभिभावकों को राहत मिल सके।विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्पष्ट किया कि सरकार फीस निर्धारण के लिए एक पारदर्शी और सख्त प्रणाली लागू करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष नए शैक्षणिक सत्र से पहले निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने की कई शिकायतें सामने आती हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है।

मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान कानून में निजी स्कूलों की फीस तय करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसी कमी का लाभ उठाकर कई स्कूल मनमाने ढंग से फीस में वृद्धि कर रहे हैं। अब प्रस्तावित संशोधन के जरिए इस खामी को दूर किया जाएगा और फीस संरचना को नियंत्रित करने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की जाएगी।सरकार इस दिशा में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों की फीस नियामक प्रणाली का अध्ययन कर रही है। इन राज्यों के मॉडल के आधार पर हिमाचल में भी संतुलित और पारदर्शी फीस ढांचा तैयार किया जाएगा।विधानसभा में इस मुद्दे को रामकुमार चौधरी ने प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों की अनियंत्रित फीस वसूली से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों पर भारी आर्थिक दबाव पड़ रहा है।इसके साथ ही सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत आरक्षण को सख्ती से लागू करने की बात भी कही है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस प्रावधान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा।सरकार का यह कदम अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा।