चंबा में मेगा मॉक ड्रिल 28 अप्रैल को, आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने के लिए बहु-एजेंसी अभ्यास आयोजित

चम्बा 27 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिला चंबा में अचानक बाढ़ एवं बादल फटने जैसी संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से 28 अप्रैल को एनएचपीसी करियां स्थित चमेरा विद्युत परियोजना-2 और 3 में एक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।मेगा मॉक ड्रिल के सफल संचालन को ध्यान में रखते हुए सोमवार को एक बहु-एजेंसी टेबलटॉप अभ्यास आयोजित किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन से संबंधित योजनाओं, संसाधनों और रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

अधिकारियों ने संभावित चुनौतियों का आकलन करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर भी विचार-विमर्श किया।इस मॉक ड्रिल में वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न आपात स्थितियों का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। इसमें करियां क्षेत्र में रावी नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि, राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए के रजेरा क्षेत्र में भारी भूस्खलन तथा हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड के एक विद्युत केंद्र में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने जैसी घटनाओं को शामिल किया गया है। इन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखा जाएगा।

अभ्यास में जिला प्रशासन, चमेरा विद्युत परियोजना-2 एवं 3, राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग तथा गृह रक्षक दल सहित विभिन्न एजेंसियों की सक्रिय भागीदारी रही।इस अवसर पर महाप्रबंधक चमेरा पावर स्टेशन-2 पंकज कुमार सिंह, परियोजना प्रमुख विद्युत अजय श्रीवास्तव तथा परियोजना प्रमुख विद्युत टीकेश्वर प्रसाद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास भविष्य में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।