चंबा में मेगा मॉक ड्रिल, प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों का व्यापक परीक्षण

चंबा में मेगा मॉक ड्रिल: प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों का व्यापक परीक्षण

चम्बा 28 अप्रैल मुकेश कुमार (गोल्डी)

चंबा में संभावित प्राकृतिक आपदाओं के प्रति त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और राष्ट्रीय जल विद्युत निगम की विद्युत परियोजना-2 और 3 के संयुक्त तत्वावधान में एक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, परिचालन तत्परता और वास्तविक समय में प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था।मॉक ड्रिल के तहत एक काल्पनिक आपदा परिदृश्य तैयार किया गया, जिसमें भारी बारिश और बादल फटने के कारण रावी नदी में अचानक बाढ़ आने तथा राष्ट्रीय उच्च मार्ग 154ए पर भूस्खलन होने की स्थिति को दर्शाया गया।

इसके साथ ही रजेरा स्थित पावर स्टेशन में भारी नुकसान और चमेरा-2 विद्युत परियोजना में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की स्थिति को भी शामिल किया गया।सुबह 10 बजे जैसे ही स्थिति की सूचना मिली, परियोजना प्रबंधन द्वारा तत्काल जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और सीआईएसएफ को सूचित किया गया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने तुरंत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट जारी किया। इसके बाद सीआईएसएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें करियां हेलीपैड स्थित स्टेजिंग एरिया की ओर रवाना हुईं। राहत एवं बचाव कार्यों के दौरान रावी नदी के बढ़े जलस्तर में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने तथा प्रभावित पावर स्टेशन से लोगों को बाहर निकालने का अभ्यास किया गया।

बचाव दलों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तेज जल प्रवाह में समन्वित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।इस अवसर पर परियोजना प्रमुखों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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