समालखा में संत निरंकारी मिशन का भव्य संत समागम, बाबा हरदेव सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

समालखा में संत निरंकारी मिशन का भव्य संत समागम, बाबा हरदेव सिंह जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

समालखा 14 मई चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)

समालखा (हरियाणा) स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी की पावन स्मृति में संत निरंकारी मिशन द्वारा एक भव्य एवं भावपूर्ण संत समागम का आयोजन किया गया। श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत इस दिव्य आयोजन में परम् श्रद्धेय सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की गरिमामयी उपस्थिति ने वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं ने इस समागम में भाग लेकर सतगुरु के पावन दर्शन किए और अमृतमयी प्रवचनों को श्रवण कर आत्मिक शांति, आनंद एवं प्रेरणा का अनुभव प्राप्त किया।

समागम को संबोधित करते हुए सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने बाबा हरदेव सिंह जी के जीवन को मानवता, सेवा और प्रेम-भक्ति का अद्वितीय उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण सार्थक होना चाहिए और हमें अपने आचरण में करुणा, इंसानियत और मानवीय मूल्यों को अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी प्रेरणा दी कि जीवन में यदि कोई व्यक्ति दुख या संघर्ष में है, तो हमारा कर्तव्य है कि हम उसे प्रेम और सहयोग के माध्यम से संबल प्रदान करें, न कि उसकी पीड़ा को बढ़ाएं।सतगुरु माता जी ने ब्रह्मज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके प्राप्त होने के बाद व्यक्ति का जीवन केवल स्वयं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह समस्त मानवता के कल्याण का माध्यम बन जाता है। उन्होंने सच्ची सेवा को निस्वार्थता, विनम्रता और प्रेम से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि वास्तविक भक्ति हमारे विचारों, व्यवहार और कर्मों में झलकनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान अमर संत अवनीत जी के समर्पित जीवन का भी उल्लेख किया गया, जिनकी प्रेरणादायक जीवनशैली ने यह सिद्ध किया कि गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी सेवा, सत्संग और भक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सकती है।समागम में गीतकारों, कवियों और वक्ताओं ने अपनी रचनाओं के माध्यम से बाबा जी की शिक्षाओं, उनके व्यक्तित्व और मानवता के प्रति उनके योगदान को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में सतगुरु माता जी ने सभी को आशीर्वाद देते हुए सेवा, सुमिरण और सत्संग को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया।

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