जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों में रोष, संघ ने जिला प्रशासन के आदेश का किया विरोध

चंबा 07 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
जनगणना 2026 के तहत शिक्षकों को स्कूल समय के बाद या अवकाश के दिन कार्य करने के निर्देशों को लेकर जिला चंबा में शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई है। जिलाधीश चंबा द्वारा 5 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार जिन अध्यापकों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है, उन्हें यह कार्य स्कूल समय के बाद या छुट्टी वाले दिन करना होगा। इस आदेश का हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ जिला चंबा ने कड़ा विरोध किया है।संघ का कहना है कि पूरे दिन स्कूल में शिक्षण कार्य करने के बाद शाम 4 बजे के बाद जनगणना का कार्य करना व्यावहारिक नहीं है। शिक्षकों ने हाल ही में पंचायत चुनावों के दौरान भी कठिन परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन किया है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा उनकी सराहना नहीं की गई। चुनाव के दौरान देर रात तक निर्देश दिए जाते रहे और शिक्षकों को सुबह जल्दी संबंधित स्थानों पर पहुंचना पड़ता था, जिससे उन्हें अतिरिक्त दबाव झेलना पड़ा।संघ के जिला अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा सहित महासचिव सतिंदर राणा, वित्त सचिव विशाल शर्मा, राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि स्कूल समय के बाद जनगणना कार्य करना शिक्षकों का शोषण है।

उन्होंने कहा कि भले ही इसके लिए कुछ मानदेय दिया जाए, लेकिन यह शिक्षकों के लिए स्वीकार्य नहीं है क्योंकि इससे उनके कार्य और निजी जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।संघ ने सुझाव दिया कि जनगणना जैसे कार्यों के लिए बेरोजगार युवाओं को अवसर दिया जाना चाहिए, जिससे उन्हें रोजगार भी मिल सके। साथ ही शिक्षकों को उनके मूल कार्य, यानी शिक्षण कार्य पर ही केंद्रित रहने दिया जाए।संघ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए इस आदेश को तुरंत वापस लिया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो और शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।