चंबा में रैम्प कार्यक्रम के तहत जागरूकता कार्यशाला आयोजित, एमएसएमई और स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल सशक्तिकरण पर मिला मार्गदर्शन

चंबा 28 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
उद्योग विभाग द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के ‘रेजिंग एंड एक्सेलेरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (रैम्प)’ कार्यक्रम के अंतर्गत बीते कल चंबा में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों एवं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, ब्रांड बिल्डिंग को मजबूत करना तथा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के माध्यम से सरकारी खरीद में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र, चंबा से अजीत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी तथा युवा व्यवसायी शामिल रहे।कार्यशाला को दो सत्रों में विभाजित किया गया।

प्रथम सत्र में सुश्री सकीना ठाकुर ने उद्यमिता विकास, ई-कॉमर्स और ब्रांड बिल्डिंग विषय पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को डिजिटल भुगतान प्रणालियों, व्हाट्सऐप बिजनेस, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन मार्केटिंग के उपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद छोटे उद्यमी डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचा सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को बजट निर्माण, नकदी प्रवाह प्रबंधन, बैंकिंग सेवाओं तथा विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई।द्वितीय सत्र में संजय कुमार ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के सीपीपी मॉड्यूल पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम से एमएसएमई, एसएचजी एवं स्टार्टअप सीधे सरकारी विभागों को अपने उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे उन्हें पारदर्शी भुगतान और देशभर में व्यापक बाजार मिलता है।

इस दौरान ऑन-द-स्पॉट जेम पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसमें 15 प्रतिशत से अधिक प्रतिभागियों ने मौके पर ही विक्रेता के रूप में पंजीकरण करवाया।मुख्य अतिथि अजीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि रैम्प कार्यक्रम के तहत आयोजित इस प्रकार की कार्यशालाएं ग्रामीण और छोटे उद्यमियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता और जेम जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़कर चंबा के स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि इससे उन्हें अपने व्यवसाय को डिजिटल रूप से विस्तार देने और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में भाग लेने का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ।

उद्योग विभाग ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे तथा जिले में एमएसएमई क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान करेंगे।