बनीखेत में साप्ताहिक निरंकारी सत्संग आयोजित, ईश्वर अनुभूति और मानव कल्याण पर दिया जोर

डलहौजी/चंबा, 28 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
सन्त निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय ज्ञान प्रचारक महात्मा गुरुदेव सिंह जी काकौवाल ने विशेष रूप से भाग लिया और अपने प्रवचनों से संगत को आध्यात्मिक संदेश प्रदान किया।अपने संबोधन में महात्मा गुरुदेव सिंह जी ने कहा कि मनुष्य जन्म का मुख्य उद्देश्य निराकार ईश्वर की पहचान करना है। उन्होंने बताया कि ईश्वर की प्राप्ति से ही वैश्विक भाईचारे की स्थापना संभव है तथा संपूर्ण मानव जाति के कल्याण, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर अनुभूति के बिना जीवन अधूरा है और इसके माध्यम से ही मनुष्य सही दिशा प्राप्त कर सकता है।उन्होंने आगे कहा कि जीवन एक यात्रा है, जिसे हर व्यक्ति तय कर रहा है, लेकिन अधिकांश लोगों को यह नहीं पता होता कि उनका अंतिम लक्ष्य क्या है।

इस प्रश्न का उत्तर केवल सतगुरु की शरण में जाकर ही प्राप्त होता है। जब सतगुरु कृपा कर ब्रह्मज्ञान प्रदान करते हैं, तो आत्मा का परमात्मा से मिलन होता है और व्यक्ति को अपने जीवन के उद्देश्य का बोध होता है।महात्मा जी ने कहा कि निरंकार प्रभु कण-कण में विद्यमान हैं और उनके साक्षात्कार से मनुष्य सहज एवं संतुलित जीवन जी सकता है। उन्होंने संगत से आह्वान किया कि वे ईश्वर के प्रति समर्पण भाव रखते हुए मानवता और भाईचारे के मार्ग पर चलें।इस अवसर पर शाखा प्रबंधक महात्मा एच. एस. गुलेरिया जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सत्संग का लाभ उठाया।