धर्मशाला में पुलिस कार्यशाला आयोजित, आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर

कांगड़ा/धर्मशाला 17 जुलाई मुकेश कुमार (गोल्डी)
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, धर्मशाला के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को एक दिवसीय पुलिस कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक (क्राइम) शिमला रानी बिन्दु ने की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना और नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना रहा।

कार्यशाला में पुलिस उपमहानिरीक्षक उत्तरी खंड धर्मशाला सहित जिला कांगड़ा, नूरपुर और देहरा के पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक, उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ), सभी थाना प्रभारी तथा सीसीटीएनएस से जुड़े कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम), नए आपराधिक कानून, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस), ई-साक्ष्य एप तथा आधुनिक पुलिसिंग की अवधारणा शामिल रही।

पुलिस महानिरीक्षक रानी बिन्दु ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अपराध नियंत्रण और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीक का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस और आईसीजेएस का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। साथ ही ई-साक्ष्य एप के माध्यम से डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया गया।उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत कार्य करते हुए पुलिस को पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता को प्राथमिकता देनी होगी।

इससे न केवल जांच प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि आम जनता का पुलिस पर विश्वास भी मजबूत होगा।कार्यशाला के समापन पर अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे सीखी गई बातों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू करें, ताकि नागरिकों को बेहतर और सुदृढ़ पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।