किन्नौर में मध्यस्थता अभियान शुरू, लंबित विवादों के समाधान पर जोर

किन्नौर/ शिमला , 24 अगस्त चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
जिला व तालुका न्यायालयों में लंबे समय से लंबित मामलों का कम खर्च में शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किन्नौर में ‘मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 3.0’ अभियान शुरू किया गया है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के दिशा-निर्देशों के तहत यह अभियान किन्नौर डिविजन के जिला एवं तालुका न्यायालयों रिकांगपिओ, रामपुर और आनी में चलाया जा रहा है।अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना है, जिनमें दोनों पक्ष आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं।

इसके तहत विवाह संबंधी विवाद, पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन चालान, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद तथा ऋण वसूली से जुड़े मामलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा विभाजन एवं बेदखली के मुकदमों, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त नागरिक मामलों का समाधान भी मध्यस्थता के माध्यम से करने का प्रयास किया जाएगा।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण किन्नौर के सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री अजय ने बताया कि अभियान का उद्देश्य जनता को विवादों के वैकल्पिक समाधान की ओर प्रेरित करना और लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने का लाभ उठाएं।

उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्ष प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति से विवाद का समाधान कर सकते हैं। यह प्रक्रिया गोपनीय, सरल और कम खर्चीली होती है। इससे पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है तथा समय और धन दोनों की बचत होती है।उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि अधिक से अधिक लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान हो और लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध करवाया जा सके। अभियान के माध्यम से लोगों को मध्यस्थता के लाभों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
