एससी/एसटी विकास निधि कानून की मांग तेज, चम्बा में धरना देकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

एससी/एसटी विकास निधि कानून की मांग तेज, चम्बा में धरना देकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

चम्बा, 24 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निधि के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर राज्य गठबंधन हिमाचल की चम्बा जिला इकाई ने सोमवार को उपमंडलीय दंडाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय के बाहर धरना दिया। इसके बाद एसडीएम चम्बा के माध्यम से मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को ज्ञापन भेजकर एससी/एसटी विकास निधि कानून बनाने की मांग उठाई गई।ज्ञापन में मांग की गई कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की आबादी के अनुपात में बजट आवंटन सुनिश्चित किया जाए तथा इसके प्रभावी और पारदर्शी उपयोग के लिए समर्पित कानून बनाया जाए।

प्रतिनिधियों ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और राजस्थान की तर्ज पर हिमाचल में भी एससी/एसटी विकास निधि कानून लागू करने की मांग की।गठबंधन ने राज्य के कुल योजना बजट में एससी के लिए लगभग 33 प्रतिशत और एसटी के लिए करीब 8 प्रतिशत आबादी के अनुपात में बजट आवंटन अनिवार्य करने की मांग रखी। साथ ही आवंटित राशि का उपयोग केवल सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए सुनिश्चित करने तथा भूमिहीन परिवारों को आवासीय और कृषि योग्य भूमि उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई।चम्बा विधानसभा संयोजक कार्तिक लुहारच ने कहा कि वर्ष 1980 में अनुसूचित जाति घटक योजना और जनजाति उप योजना शुरू होने के बावजूद हिमाचल में इन प्रावधानों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया।

उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में एससी/एसटी विकास के लिए बजटीय आवंटन करीब पांच प्रतिशत तक सीमित रहा है।जिला संयोजक योगेश्वर अहीर ने बताया कि गठबंधन ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में मुख्यमंत्री, सामाजिक न्याय मंत्री, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर बातचीत की है। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी 2024 को मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तावित विधेयक का मसौदा भी सौंपा गया था।धरने में मनोहर लाल हितेषी, जितेश्वर सूर्या, सूदन चंद्रा, अरुण डालिया, नवीन चंद्रा, तरसेम चौहान, भूपिंदर अहीर सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कानून बनने तक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!