उघराल में बढ़ती भालुओं की आवाजाही पर मनीष सरीन ने वन विभाग को घेरा, ठोस कार्रवाई की मांग

डलहौजी/ चम्बा 24 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
उघराल गांव और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही भालुओं की आवाजाही को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं वर्ष 2022 में डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मनीष सरीन ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने विभाग से जागरूकता कार्यक्रमों और चेतावनी बोर्ड लगाने तक सीमित रहने के बजाय ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए स्थायी एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।मनीष सरीन ने कहा कि उघराल क्षेत्र में भालुओं की मौजूदगी कोई नई समस्या नहीं है।

हर वर्ष भालुओं की गतिविधियां बढ़ने के साथ मानव-भालू आमना-सामना होने की घटनाएं भी सामने आती हैं। इसके बावजूद विभाग की ओर से नियमित निगरानी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं। सुबह और शाम के समय बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों के लिए गांव के आसपास आवाजाही करना जोखिम भरा बना हुआ है। खेतों और जंगल से सटे क्षेत्रों में काम करने वाले ग्रामीणों को भी अचानक भालू से सामना होने की आशंका रहती है।

सरीन ने कहा कि केवल जागरूकता कार्यक्रम और चेतावनी बोर्ड किसी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने वन विभाग से संवेदनशील क्षेत्रों की वैज्ञानिक मैपिंग, नियमित गश्त, निगरानी बढ़ाने, त्वरित सूचना एवं चेतावनी प्रणाली स्थापित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ टीमों की तैनाती की मांग की।उन्होंने चेतावनी दी कि किसी बड़ी मानव-भालू घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को अभी से सक्रिय होना चाहिए। सरीन ने कहा कि उघराल के ग्रामीण केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस सुरक्षा व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने वन विभाग से ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की।
