702 ग्राम चरस रखने के मामले में पंजाब के दो आरोपियों को सात-सात साल की सजा

चंबा 24 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
बालू पुल के पास 702 ग्राम चरस रखने के मामले में चंबा की विशेष न्यायाधीश-द्वितीय की अदालत ने पंजाब के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों की पहचान धर्मवीर निवासी पानी वाली टंकी, शहर रायकोट, तहसील जगरांव, जिला लुधियाना और सुरेश कुमार निवासी शहर रायकोट, तहसील जगरांव, जिला लुधियाना, पंजाब के रूप में हुई है।अदालत ने दोनों दोषियों को मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की धारा 20 और 29 के तहत यह सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों पर 70-70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में दोनों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला 25 सितंबर 2019 का है। इस संबंध में पुलिस थाना चंबा में एफआईआर संख्या 246/19 दर्ज की गई थी। पुलिस टीम ने बालू पुल के पास एक बैग की तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान बैग से 702 ग्राम चरस बरामद होने का दावा किया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सोहम कौशल ने पैरवी की। अभियोजन ने आरोपों को साबित करने के लिए अदालत में 18 गवाहों के बयान दर्ज करवाए। इसके अलावा मामले से संबंधित साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेज भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए।अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा रिकॉर्ड पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद धर्मवीर और सुरेश कुमार को दोषी ठहराया।

इसके बाद अदालत ने दोनों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और 70-70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न चुकाने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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