एनएचपीसी चमेरा-II परियोजना के भ्रमण पर पहुंचे राजकीय महाविद्यालय चम्बा के 53 विद्यार्थी

चम्बा, 08 सितंबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
राजकीय महाविद्यालय चम्बा के भूविज्ञान, एमबीए एवं एमसीए विभागों के 53 विद्यार्थियों ने एनएचपीसी चमेरा-II जलविद्युत परियोजना का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण महाविद्यालय की Career Counselling and Placement Unit के अंतर्गत Placement and Career Development Society (PCDS) के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया।भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के व्यावहारिक अनुप्रयोग, जलविद्युत परियोजना की कार्यप्रणाली तथा तकनीकी, प्रबंधकीय और करियर से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्रदान करना था। इस दौरान विद्यार्थियों ने परियोजना के बांध स्थल, हेड-रेस टनल, सर्ज शाफ्ट तथा भूमिगत पावरहाउस कैवर्न का निरीक्षण किया और परियोजना की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा।भूविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों को प्रो. अशोक कुमार ने विभिन्न परियोजना स्थलों पर इंजीनियरिंग जियोलॉजी से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने शैलविज्ञान, संरचनात्मक असंततताओं, भ्रंश, शैल-द्रव्यमान, भूजल एवं ढाल स्थिरता जैसे विषयों को समझाते हुए सुरक्षित जलविद्युत संरचनाओं के निर्माण में भूवैज्ञानिक अध्ययनों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

वहीं, एमबीए एवं एमसीए के विद्यार्थियों ने एनएचपीसी की संगठनात्मक संरचना, परियोजना प्रबंधन, तकनीकी एवं गैर-तकनीकी टीमों के बीच समन्वय तथा सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े पहलुओं की जानकारी हासिल की। विद्यार्थियों को एनएचपीसी सहित अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में उपलब्ध करियर एवं रोजगार अवसरों के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।इस अवसर पर प्रो. अशोक कुमार, प्रो. कामेश्वर जम्वाल, प्रो. रोहित कुमार तथा प्रो. कल्पना शर्मा विद्यार्थियों के साथ मौजूद रहे। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य ने एनएचपीसी चमेरा-II के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार जताया। एनएचपीसी चम्बा कार्यालय द्वारा भ्रमण की अनुमति, पिक-एंड-ड्रॉप सुविधा एवं अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। जनसंपर्क अधिकारी नीरज बिलोरिया के विशेष सहयोग एवं समन्वय की भी सराहना की गई।महाविद्यालय के संकाय सदस्यों ने कहा कि यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए उपयोगी क्षेत्र-आधारित अनुभवात्मक अधिगम साबित हुआ, जिससे उनके विषयगत ज्ञान को वास्तविक परियोजना अनुभव और करियर जागरूकता से जोड़ने में मदद मिली।