कुल्लू दशहरा में ग्लोबल डांस शो ने बिखेरी सांस्कृतिक विविधता की छटा

कुल्लू 26 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
समृद्ध लोक संस्कृति और विशिष्ट देव परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान ढालपुर स्थित रथ मैदान में आयोजित ग्लोबल डांस शो आकर्षण का केंद्र बना। इस आयोजन में विभिन्न देशों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता, कला और आपसी सद्भाव का सुंदर संदेश दिया।ग्लोबल डांस शो में विभिन्न देशों की नृत्य शैलियों और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अलग-अलग संस्कृतियों की झलक प्रस्तुत करने वाले इस कार्यक्रम ने कुल्लू दशहरा उत्सव को अंतरराष्ट्रीय रंग प्रदान किया।

कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को विभिन्न देशों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशेषताओं को करीब से जानने का अवसर मिला।इस अवसर पर कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए कहा गया कि कला और संस्कृति ऐसी सशक्त माध्यम हैं, जो भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर लोगों को आपस में जोड़ती हैं। संगीत, नृत्य और लोक कलाएं विभिन्न समाजों के बीच आपसी समझ, सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन विभिन्न देशों के लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं को समझने और उनका सम्मान करने का अवसर प्रदान करते हैं।

कुल्लू दशहरा हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और देव परंपराओं का प्रमुख प्रतीक है। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस उत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। समय के साथ यह आयोजन धार्मिक और पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण मंच बन गया है।इस दौरान हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी जोर दिया गया। कहा गया कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी का साझा दायित्व है। ग्लोबल डांस शो ने सांस्कृतिक एकता और विविधता के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
