हिमाचल में शहरी निकाय चुनावों का ऐलान, 17 मई को मतदान; पंचायत चुनाव भी जल्द

शिमला 21 अप्रेल चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस
हिमाचल प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद शहरी निकाय चुनावों की तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है। राजधानी शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के 51 शहरी निकायों में 17 मई को मतदान कराया जाएगा। इनमें धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी के चार नगर निगम भी शामिल हैं, जबकि अन्य नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी इसी दिन वोटिंग होगी।चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन चुनावों में कुल 3,60,845 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,80,963 पुरुष और 1,79,882 महिला मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि 1808 युवा मतदाता पहली बार वोट डालेंगे, जो लोकतंत्र के इस पर्व में नई ऊर्जा का संचार करेंगे।चुनाव प्रक्रिया के तहत नामांकन 29 और 30 अप्रैल तथा 2 मई तक (दोपहर 3 बजे तक) दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 4 मई को सुबह 10 बजे से नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 6 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक अपने नाम वापस ले सकेंगे और उसी दिन चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों की सूची 29 अप्रैल को जारी कर दी जाएगी। 17 मई को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा। नगर पंचायत और नगर परिषदों के चुनाव परिणाम उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि चारों नगर निगमों की मतगणना 31 मई को होगी।दूसरी ओर, पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर भी तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदेश की करीब 3600 पंचायतों में ‘छोटी सरकार’ के गठन के लिए चुनाव जल्द घोषित किए जाएंगे। 27 अप्रैल को पंचायतों की अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम सामने आने की संभावना है।चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। नए निर्देशों के तहत डीसी, एसडीएम, बीडीओ और जिला पंचायत अधिकारी बिना अनुमति के अपने मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।चुनावों की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिए हैं और मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुट गए हैं। यह चुनाव शहरी और ग्रामीण दोनों स्तरों पर विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।