तीसा के बट्ट आईटीआई में विश्व बौद्धिक संपदा दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

तीसा 21 अप्रैल दिलीप सिंह ठाकुर
उपमंडलीय विधिक सेवा समिति तीसा के तत्वावधान में बट्ट आईटीआई खुशनगरी (तीसा) में मंगलवार को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम में बार एसोसिएशन तीसा से अधिवक्ता कुमारी रंजना ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए आधुनिक समाज में बौद्धिक संपदा अधिकारों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के दौर में नवाचार, रचनात्मकता और नए विचारों की सुरक्षा के लिए आईपीआर बेहद आवश्यक है।अधिवक्ता रंजना ने प्रशिक्षुओं को पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क जैसे विभिन्न बौद्धिक संपदा अधिकारों के बारे में सरल और व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार ये अधिकार किसी व्यक्ति या संस्था के नवाचार और रचनात्मक कार्यों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करते हैं और उन्हें आर्थिक लाभ भी दिलाने में सहायक होते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवा वर्ग इन अधिकारों के प्रति जागरूक होगा, तो वे अपने विचारों और आविष्कारों को सुरक्षित रखते हुए समाज और देश के विकास में योगदान दे सकते हैं। इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को न केवल कानूनी जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम के दौरान बट्ट आईटीआई खुशनगरी के स्टाफ सदस्य एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने इस जागरूकता कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।