निरंकारी संत समागम के बाद 126 जोड़ों ने सामूहिक विवाह समारोह में थामा एक-दूजे का हाथ

समालखा/ हरियाणा 30 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
79वें निरंकारी संत समागम के समापन के बाद समालखा के पावन मैदानों में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी की उपस्थिति में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान 126 नवयुगल परिणय सूत्र में बंधे और उन्होंने अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की। सतगुरु माता जी ने सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखमय दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक जयमाला एवं निरंकारी सांझा-हार की रस्म के साथ हुआ। मिशन की प्रधान राजकुमारी जी एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने नवविवाहित जोड़ों को हार पहनाकर शुभकामनाएं दीं।

इसके बाद हिंदी में निरंकारी लावों का भक्तिमय गायन किया गया, जिसमें प्रेम, विश्वास, सम्मान और समर्पण के साथ गृहस्थ जीवन बिताने का संदेश दिया गया। अंत में सतगुरु माता जी एवं निरंकारी राजपिता जी ने नवयुगलों पर पुष्पवृष्टि कर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि सामूहिक विवाह का संदेश केवल आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जीवन में अपनाना चाहिए। पति-पत्नी एक-दूसरे की जिम्मेदारियां समान रूप से निभाएं तथा प्रेम, विश्वास और आपसी तालमेल के साथ जीवन की हर परिस्थिति का सामना करें।

उन्होंने एक-दूसरे की कमियों को स्वीकार करने, क्षमा, विनम्रता और परस्पर सम्मान बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने सेवा, सुमिरन और सत्संग के मार्ग पर एक-दूसरे का सहयोग करने का भी संदेश दिया। इस अवसर पर सतगुरु माता जी के परिवार के एक सदस्य का विवाह भी समारोह में संपन्न हुआ।संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के सहयोग से आयोजित समारोह में बिहार, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा से आए जोड़ों ने भाग लिया। समारोह ने सादगी, समानता, एकता और वैश्विक भाईचारे का संदेश दिया।
