निरंकारी सत्संग में दिया गया ब्रह्मज्ञान और प्रेम का संदेश, सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा

ड़लहौजी/चम्बा 18 अक्टूबर चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
स्थानीय संत निरंकारी सत्संग भवन में आज रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महात्मा अनिल गुप्ता जी ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए परमात्मा की अनुभूति, ब्रह्मज्ञान और मानव जीवन में प्रेम, करुणा व भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला।महात्मा अनिल गुप्ता जी ने कहा कि संत निरंकारी मिशन सत्य का संदेश देश-विदेश और गांव-गांव तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि परमात्मा ही परम सत्य है और वह प्रत्येक मनुष्य के अंग-संग विराजमान है। निरंकारी मिशन का उद्देश्य मानव जीवन में इस सत्य की अनुभूति करवाना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति परमात्मा को जानकर अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दे सके।उन्होंने आगे कहा कि परमात्मा का बोध सतगुरु की कृपा से संभव होता है, जिसे ब्रह्मज्ञान कहा जाता है। जब मनुष्य को परमात्मा का साक्षात्कार हो जाता है, तो उसके मन से भ्रम और अज्ञानता दूर होने लगते हैं।

सच्चा ब्रह्मज्ञानी वही है, जो परमात्मा की उपस्थिति को अपने अंग-संग महसूस करते हुए सदैव सदमार्ग पर चलता है। ऐसा व्यक्ति नफरत, निंदा और द्वेष से दूर रहकर दूसरों के सुख में अपनी खुशी तलाशता है तथा सभी के प्रति प्रेम और सद्भाव की भावना रखता है।महात्मा ने कहा कि निरंकारी मिशन यह संदेश देता है कि निराकार परमात्मा की अनुभूति संभव है। इसके लिए मनुष्य को सच्चे मार्गदर्शन और सतगुरु की कृपा की आवश्यकता होती है। जिज्ञासु व्यक्ति पूर्ण सतगुरु के माध्यम से परमात्मा के सर्वव्यापी स्वरूप का बोध प्राप्त कर सकता है।इस अवसर पर शाखा संयोजक महात्मा एच.एस. गुलेरिया जी ने कहा कि मिशन का मुख्य उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी मनुष्यों को ईश्वर से जोड़ना है। साथ ही समाज में प्रेम, करुणा, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है। सत्संग का संदेश मानवता और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना रहा।