बनीखेत डिग्री कॉलेज के स्थायी भवन निर्माण का रास्ता साफ, केंद्र से मिली प्रथम चरण की वन मंजूरी

डीएस ठाकुर ने क्षेत्रवासियों को दी बधाई, कहा- जल्द ही पूरी होंगी शेष औपचारिकताएं

डलहौजी/ चम्बा 30 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)

डलहौजी और बनीखेत क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। राजकीय डिग्री कॉलेज बनीखेत के स्थायी एवं आधुनिक परिसर के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कॉलेज भवन के निर्माण के लिए प्रस्तावित 2.8328 हेक्टेयर वन भूमि के गैर-वानिकी उपयोग को प्रथम चरण (Stage-I) की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। इस स्वीकृति से कॉलेज के अपने भवन निर्माण की उम्मीदें मजबूत हुई हैं और आगे का रास्ता साफ होता दिखाई देता प्रतीत हो रहा है ।स्थानीय विधायक एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डीएस ठाकुर ने इसे केंद्र सरकार की ओर से क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि बनीखेत और डलहौजी क्षेत्र में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

उन्होंने बताया कि प्रस्ताव के तहत वन भूमि के उपयोग के बदले शेरपुर में 5.67 हेक्टेयर भूमि पर क्षतिपूरक वनीकरण किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 6,237 पौधे रोपित करने का प्रावधान है। इससे विकास कार्य के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।डीएस ठाकुर ने कहा कि कॉलेज के स्थायी परिसर का निर्माण होने से विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। परिसर में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवनों के साथ प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और खेल मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। इससे बनीखेत, डलहौजी, बाथरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।विधायक ने कहा कि प्रथम चरण की मंजूरी के बाद अब निर्धारित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करवाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि दूसरे चरण की अंतिम वन मंजूरी भी प्राप्त हो सके और निर्माण कार्य का रास्ता खुल सके।

उन्होंने कहा कि डिग्री कॉलेज बनीखेत के अपने भवन के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए हैं और क्षेत्र के युवाओं को बेहतर उच्च शिक्षा तथा उज्ज्वल भविष्य के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए वह आगे भी प्रयासरत रहेंगे।उल्लेखनीय है कि अभी परियोजना को Stage-II की अंतिम वन मंजूरी मिलना बाकी है। इसके बाद ही निर्धारित शर्तों के अनुसार भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!