चंबा में सीटू और एसएफआई का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया

चंबा में सीटू और एसएफआई का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर उठाए सवाल, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग

चंबा 10 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के विरोध में सीटू और एसएफआई ने चंबा में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग उठाई।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने से पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है। वक्ताओं ने कहा कि पुराने पारिवारिक दस्तावेज मांगे जाने से कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सीटू और एसएफआई ने मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल किए जाएं तथा एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। उन्होंने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित वर्ष 2023 के कानून को निरस्त करने और नियुक्ति प्रक्रिया में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे लोगों को कथित तौर पर विभिन्न स्थानों पर रोके जाने और गिरफ्तार किए जाने की निंदा की।

सीटू और एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि इन मांगों को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।

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