स्थानीय निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन

डलहौजी/ चंबा, 10 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
स्थानीय सन्त निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में आज साप्ताहिक सत्संग का आयोजन सेवादल के महात्मा दीप जसवाल की अध्यक्षता में हुआ। कार्यक्रम में प्रवचन देते हुए महात्मा जसवाल ने कहा कि सतगुरु के वचनों को कर्म रूप में अपनाना ही सच्ची भक्ति है। सुख-दुख जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं, परंतु जब भक्त भक्ति के रंग में रंग जाता है, तो वह दातार की रजा में रहकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाता है और हर परिस्थिति में आनंद का अनुभव करता है।उन्होंने कहा कि शाश्वत आनंद की अवस्था बनाए रखने के लिए प्रभु की इच्छा को सर्वोपरि मानना आवश्यक है। निरंकार प्रभु से जुड़ने पर भक्ति का रंग चढ़ जाता है, जिससे किसी के नकारात्मक शब्द या व्यवहार का असर नहीं पड़ता। भक्ति के मार्ग पर चलते हुए जीवन को सरल बनाया जा सकता है।

महात्मा जसवाल ने आगे कहा कि ब्रह्मज्ञान प्राप्ति के बाद भक्त और भगवान का सच्चा संबंध स्थापित होता है। गुरु वचनों का पालन करते समय हुक्म उदूली से बचना चाहिए। सच्चा भक्त वही है जो गुरु की कथनी को हूबहू अपनी करनी में उतारता है और उनके वचनों को सर्वोपरि मानता है।इस अवसर पर शाखा संयोजक महात्मा एच. एस. गुलेरिया ने कहा कि निरंकारी मिशन का उद्देश्य सभी मनुष्यों को बिना भेदभाव ईश्वर से जोड़ना और प्रेम, करुणा व भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि मिशन मानवता के कल्याण और आपसी सौहार्द का संदेश देता है।सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति व प्रेम का संदेश आत्मसात किया।