विधायक डी.एस. ठाकुर ने शीतकालीन सत्र में डलहौजी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए

डलहौजी/चम्बा 06 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डी.एस. ठाकुर ने क्षेत्र से संबंधित अनेक महत्त्वपूर्ण विकासात्मक एवं जनहित के प्रश्न सदन में उठाए। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क, आपदा प्रबंधन तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिन पर सरकार का ध्यान आवश्यक है।विधायक ठाकुर ने सबसे पहले नागरिक अस्पताल सलूनी, किहार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डीयूर की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की कमी तथा आवश्यक उपकरणों के अभाव के कारण ग्रामीण जनता को समय पर उपचार प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाथरी की सुविधाओं के विस्तार की भी मांग उन्होंने सदन में रखी।आपदा प्रभावित क्षेत्रों का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने बताया कि हालिया प्राकृतिक आपदाओं में डलहौजी क्षेत्र की अनेक सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत और आवागमन बहाल करने की मांग की। इसके साथ ही क्षेत्र में प्रस्तावित नई सड़कों के निर्माण को भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई।विधायक ने दिव्यांगजनों के लिए बस किराये में रियायत बढ़ाने तथा उन्हें सुलभ परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रश्न भी सदन में रखा। महाविद्यालय सलूनी में शैक्षणिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा डेंटल पोस्ट की स्वीकृति का मुद्दा भी उनके प्रश्नों में शामिल रहा।

इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य आउट्सोर्स कर्मियों की नियुक्तियों में पारदर्शिता और पर्याप्त स्टाफ की आवश्यकता को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए घरों के पुनर्निर्माण के लिए प्रभावित परिवारों को शीघ्र और पर्याप्त राहत देने की मांग भी उन्होंने की।विधायक डी.एस. ठाकुर ने कहा कि जिला चंबा आकांक्षी घोषित किया गया है बावजूद इसके डलहौजी विधानसभा क्षेत्र में ऐसी कई सुविधाएं है जिसके अभाव की मार क्षेत्र झेल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार इन पर कोई खास तबज्जो नहीं दे रही है। जो चिंता का विषय है। केंद्र सरकार द्वारा विद्युत सबस्टेशन तेलका एवं बनीखेत भी ठंडे बस्ते में रखे गए हैं जबकि इनका पैसा केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जा चुका है। तो वही करोड़ों की पेयजल योजनाएं जो मई माह में पूरी हो जानी चाहिए थी वो भी अभी अधर में लटकी हुई है। किंतु राज्य सरकार तमाम जिला वासियों को सिवाय आश्वासनों के कुछ और देती दिखाई नहीं दे रही।