हिमाचल में नशा-मुक्त अभियान तेज, चंबा जिला की 13 पंचायतों में विशेष मुहिम शुरू

चंबा 06 दिसंबर मुकेश कुमार (गोल्डी)
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में न केवल नशा तस्करी से जुड़े लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, बल्कि आम नागरिकों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह जानकारी उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल ने आज यहां दी।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में 1 दिसंबर 2025 को धर्मशाला में आयोजित विशाल रैली के माध्यम से इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप दिया गया। इस प्रयास को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश की 234 ग्राम पंचायतों व स्थानीय निकायों में विशेष नशा-निवारण अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

इनमें जिला चंबा की 13 पंचायतें और स्थानीय निकाय शामिल हैं।चंबा जिले में शामिल क्षेत्रों में डलहौजी उपमंडल की नगर पंचायत बनीखेत, सलूनी उपमंडल की ग्राम पंचायत सनोह व किहार, चंबा उपमंडल की ग्राम पंचायत उदयपुर, मंगला, करियां, साहू तथा नगर परिषद चंबा शामिल हैं। इसके अलावा चुराह उपमंडल की टिकरीगढ़, लेसुईं और भरडा तथा भटियात उपमंडल की नगर पंचायत चुवाड़ी और ग्राम पंचायत हटली को सूचीबद्ध किया गया है।उपायुक्त ने बताया कि इन क्षेत्रों में नशा निवारण समितियों का गठन कर दिया गया है। 6 दिसंबर को नगर पंचायत चुवाड़ी व बनीखेत के साथ ग्राम पंचायत भरडा, लेसुईं व टिकरीगढ़ में संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। शेष क्षेत्रों में 10 दिसंबर से पूर्व बैठकों के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं।

इन बैठकों में नशे की रोकथाम, जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी।उपायुक्त रेपसवाल ने कहा कि नशे का बढ़ता प्रचलन युवा पीढ़ी और समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवक मंडलों, महिला मंडलों और आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग की अपील है। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन चंबा नशे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।