नडाल (हि.प्र)और भंडार (जम्मू ) पंचायतों में डॉ. भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि व विचार-गोष्ठी

सलूणी/ चम्बा 06 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)
डॉ. भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर आज हिमाचल प्रदेश की नडाल पंचायत, तहसील सलूणी, और जम्मू-कश्मीर की भंडार पंचायत, तहसील बनी, में संयुक्त रूप से एक श्रद्धांजलि एवं विचार-गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष आयोजन में दोनों राज्यों एवं तहसीलों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बाबा साहब को नमन करते हुए उनके जीवन, संघर्ष एवं संविधान निर्माण में दिए गए अभूतपूर्व योगदान को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर न केवल एक महान विधिवेत्ता और संविधान निर्माता थे, बल्कि सामाजिक समरसता, समान अधिकारों और शिक्षा के प्रसार के अग्रदूत भी थे। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अवसर पहुंचाने के लिए जीवनभर संघर्ष किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड शिक्षक कृष्ण चंद, अंबेडकर मिशन सोसाइटी के अध्यक्ष व्यास देव, सचिव साहब सिंह और कोषाध्यक्ष रिंकू ने बाबा साहब के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भी अंबेडकर के सिद्धांत समाज को दिशा प्रदान करते हैं और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
इसके अलावा गुरु रविदास सभा बनी (जम्मू-कश्मीर) के अध्यक्ष विचित्र, सलाहकार अमर सिंह और उपाध्यक्ष केमचंद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने संविधान में निहित स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में दोनों क्षेत्रों से आए अन्य गणमान्य व्यक्तियों, महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए गीत-वाचन और विचारों ने कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बना दिया।

अंत में, वक्ताओं ने संकल्प लिया कि समाज में जागरूकता, शिक्षा और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए मिलकर निरंतर कार्य किया जाएगा। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और सभी प्रतिभागियों ने बाबा साहब के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की।