नए साल के स्वागत में डलहौजी विंटर कार्निवाल, लोक संस्कृति की छटा से सजी पर्यटन नगरी

नए साल के स्वागत में डलहौजी विंटर कार्निवाल, लोक संस्कृति की छटा से सजी पर्यटन नगरी

डलहौजी/चम्बा 30 दिसम्बर मुकेश कुमार (गोल्डी)

पर्यटन नगरी डलहौजी में नए साल के उपलक्ष्य में आयोजित विंटर कार्निवाल इन दिनों स्थानीय लोगों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह रंगारंग आयोजन 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध रहे हैं। खास बात यह है कि इस मंच पर नन्हे कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार हो रहा है।कार्निवाल के एक प्रमुख सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को चार चांद लगाए। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय कलाकार अनमोल कुमार और हरमन आयुष द्वारा प्रस्तुत भावपूर्ण मूसादा गायन से हुई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके द्वारा गाए गए पारंपरिक गीत ‘शिव कैलाशों के वासी’, ‘राजा तेरे गोरखया ने लुटिया पहाड़’ और ‘लाल चिड़िये’ जैसे लोकगीतों पर दर्शक खुद को नाचने से रोक नहीं पाए। पूरे पंडाल में तालियों और उत्साह का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में मौजूद लोगों का कहना है कि आज की नई पीढ़ी तेजी से अपनी लोक संस्कृति से दूर होती जा रही है, लेकिन ऐसे कलाकारों और आयोजनों के माध्यम से हिमाचली संस्कृति को जीवित रखा जा रहा है। यह मंच न केवल कलाकारों को पहचान देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का भी कार्य कर रहा है।पर्यटकों ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विंटर कार्निवाल के माध्यम से उन्हें हिमाचल की समृद्ध संस्कृति, लोक संगीत और परंपराओं को करीब से देखने-समझने का अवसर मिला है। लोगों ने सरकार से आग्रह किया कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएं, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और हिमाचल की लोक विरासत देश-विदेश के सैलानियों तक पहुंचे।

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