बनीखेत में नशीली दवाओं पर सख्ती, दीपक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस फिलहाल के लिए निलंबित, 18 अन्य को नोटिस

डलहौजी/चम्बा 13 जनवरी मुकेश कुमार ( गोल्डी)
डलहौजी क्षेत्र के बनीखेत में नशीली एवं मनोप्रभावी दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से औषधि विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी क्रम में बनीखेत स्थित एम/एस दीपक मेडिकल स्टोर का दवा लाइसेंस 24 जनवरी 2026 तक निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, मेडिकल स्टोर को नारकोटिक (Narcotic) और साइकोट्रॉपिक (Psychotropic) दवाओं के भंडारण की अनुमति भी रद्द कर दी गई है। यह कार्रवाई औषधि लाइसेंस प्राधिकरण सहायक औषधि नियंत्रक, धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) द्वारा की गई है।

औषधि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नियमित निरीक्षण के दौरान उक्त मेडिकल स्टोर में नशीली एवं आदत बनाने वाली दवाओं के रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। रिकॉर्ड के रख-रखाव, बिक्री विवरण और नियमानुसार प्रविष्टियों में खामियों के चलते विभाग को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं से संबंधित किसी भी प्रकार की लापरवाही को कदापि बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी कड़ी में जिला चंबा के 18 अन्य मेडिकल स्टोरों को भी औषधि लाइसेंस प्राधिकरण सहायक औषधि नियंत्रक द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन मेडिकल स्टोरों के पिछले दो वर्षों के निरीक्षण रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं पाए गए, विशेषकर एनडीपीएस और हैबिट फॉर्मिंग दवाओं के मामलों में। नोटिस के माध्यम से संबंधित संचालकों से यह जवाब मांगा गया है कि उनके दवा लाइसेंस रद्द क्यों न किए जाएं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 11 मेडिकल स्टोरों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अब शेष मेडिकल स्टोरों को भी नियमों के उल्लंघन को लेकर जवाबदेह ठहराया जा रहा है।
औषधि विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में भी निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।