बट्ट कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्रशिक्षुओं का चंबा पेयजल शुद्धिकरण प्लांट का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण

डलहोजी/चम्बा 29 जनवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
बोंखरी मोड़ स्थित बट्ट कॉलेज ऑफ नर्सिंग की पांचवें सेमेस्टर की प्रशिक्षुओं ने जल शक्ति विभाग मंडल चंबा के अंतर्गत संचालित पेयजल शुद्धिकरण प्लांट, चंबा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग प्रशिक्षुओं को जल शुद्धिकरण एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन की वास्तविक कार्यप्रणाली से अवगत करवाना तथा उनके सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक अनुभव से जोड़ना रहा।भ्रमण के दौरान जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता पंकज कुमार ने प्रशिक्षुओं को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा वाटर प्यूरिफिकेशन प्लांट की आवश्यकता, महत्व और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।

उन्होंने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में शहर से निकलने वाले गंदे और दूषित पानी को विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं जैसे स्क्रीनिंग, सेडिमेंटेशन, एरेशन और फिल्ट्रेशन के माध्यम से शुद्ध किया जाता है। इससे एक ओर जहां अपशिष्ट जल को पुनः उपयोग योग्य बनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने में भी सहायता मिलती है। यह प्रक्रिया पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।कनिष्ठ अभियंता पंकज कुमार ने वाटर प्यूरिफिकेशन प्लांट की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त कच्चे पानी को सेडिमेंटेशन, फिल्ट्रेशन और क्लोरीनेशन जैसी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से गुजारकर पीने योग्य स्वच्छ जल तैयार किया जाता है।

उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल की उपलब्धता जनस्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है और जल जनित रोगों की रोकथाम में इन प्लांटों की भूमिका अत्यंत अहम है।इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से कॉलेज के चेयरमैन परवेज ली बट्ट ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए जल स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और अपशिष्ट प्रबंधन की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में समाज को बेहतर, सुरक्षित और जागरूक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें।भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने प्लांट की कार्यप्रणाली को गहराई से समझा और विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
