जनगणना 2027, स्वतंत्र भारत की पहली डिजिटल जनगणना, दो चरणों में होगी प्रक्रिया,उपायुक्त चंबा मुकेश रेपसवाल

चंबा 17 फरवरी मुकेश कुमार (गोल्डी)
उपायुक्त एवं जिला जनगणना अधिकारी मुकेश रेपसवाल ने कहा कि जनगणना–2027 दो चरणों में संपन्न की जाएगी, जो स्वतंत्र भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। वे जिला में जनगणना के सफल एवं सुचारू संचालन को लेकर आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जनगणना वर्ष 2011 में करवाई गई थी, जबकि जनगणना–2027 देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी।उपायुक्त ने जानकारी दी कि जनगणना का प्रथम चरण 12 मई से 11 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस चरण में मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना की जाएगी।

सामान्य प्रशासन विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा 3 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के अंतर्गत प्रगणकों द्वारा कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इन प्रश्नों में आवास की स्थिति, पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई ईंधन, इंटरनेट सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित जानकारी शामिल होगी।उन्होंने बताया कि जनगणना–2027 में आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एनुमरेशन) की सुविधा प्रदान की जाएगी। घर-घर जनगणना शुरू होने से 15 दिन पूर्व, 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक नागरिक पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जाएं ताकि कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना सितंबर 2026 से फरवरी 2027 के बीच की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, व्यवसाय, वैवाहिक स्थिति, प्रवास, मातृभाषा आदि विवरण एकत्र किया जाएगा।उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में पूर्ण सहयोग करें और प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मैहरा, जिला राजस्व अधिकारी विक्रम जीत सिंह, ओएसडी उमाकांत सहित विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।