चुराह में हर्षोल्लास से मनाई गई ईद-उल-फितर, भाईचारे और अमन-चैन का दिया संदेश

तीसा 21 मार्च दिलीप सिंह ठाकुर
चुराह क्षेत्र में पवित्र पर्व ईद-उल-फितर पूरे उत्साह, उल्लास और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से मुस्लिम समुदाय के लोग खुशनगरी स्थित मस्जिद और जामा मस्जिद चुराह में एकत्रित हुए, जहां विशेष नमाज अदा की गई। नमाज के दौरान देश-प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।इस खास मौके पर प्रदेश हज कमेटी के चेयरमैन दिलदार अली बट्ट भी उपस्थित रहे। उन्होंने समुदाय के साथ मिलकर नमाज अदा की और सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने आपसी भाईचारे, प्रेम और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाइयां दीं, जिससे पूरे क्षेत्र में अपनापन और एकता का माहौल देखने को मिला।ईद के त्योहार को लेकर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्हें ‘ईदी’ के रूप में उपहार और धनराशि दी गई, वहीं नए कपड़े पहनकर बच्चों ने इस दिन को और खास बना दिया। बाजारों में भी रौनक देखने को मिली, जहां लोगों ने जमकर खरीदारी की। घरों में सेवइयां और विभिन्न प्रकार के पारंपरिक व्यंजन तैयार किए गए, जिन्हें आपस में बांटकर त्योहार की मिठास को और बढ़ाया गया।ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो रमजान के पवित्र महीने के समापन पर मनाया जाता है। इस दिन नमाज से पहले जकात और फितरा अदा करने की परंपरा है, जिससे जरूरतमंद लोग भी त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकें। यह पर्व त्याग, दया, समानता और भाईचारे का संदेश देता है।चुराह में मनाई गई ईद ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पर्व-त्योहार समाज में एकता, प्रेम और सौहार्द को मजबूत करने का सशक्त माध्यम होते हैं।