पेंशन मामलों में लापरवाही पर सख्त सरकार, अधूरी ई-सर्विस बुक पर नहीं बढ़ेंगे केस

शिमला 25 अप्रैल चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
पेंशन मामलों के निपटारे में हो रही देरी और दस्तावेजों में लगातार पाई जा रही खामियों को लेकर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अधूरी या त्रुटिपूर्ण ई-सर्विस बुक के आधार पर किसी भी पेंशन मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।सरकार ने निर्देश दिए हैं कि मानव संपदा पोर्टल पर पेंशन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रूप से और सही जानकारी के साथ अपलोड किए जाएं। विभागीय समीक्षा में पाया गया है कि कई कर्मचारियों की डिजिटल सर्विस बुक में महत्वपूर्ण विवरण जैसे नियुक्ति तिथि, विभाग का नाम, पदोन्नति, एसीपी (Assured Career Progression) लाभ और स्थायी अवशोषण संबंधी जानकारी दर्ज नहीं की जा रही है, जिससे पेंशन मामलों में अनावश्यक देरी हो रही है।वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी की डिजिटल सर्विस बुक उपलब्ध नहीं है, तो उसकी संपूर्ण सर्विस बुक की स्पष्ट स्कैन कॉपी अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, कई मामलों में वेतन सत्यापन प्रमाणपत्र और वर्षवार पे-फिक्सेशन शीट संलग्न नहीं की जा रही हैं, जिससे पेंशन की गणना में त्रुटियां सामने आ रही हैं।निर्देशों के अनुसार 30 सितंबर 2012 के बाद की सभी पे-फिक्सेशन शीट और संबंधित ई-चालान की प्रतियां अपलोड करना आवश्यक कर दिया गया है। साथ ही, फॉर्म-7 में गैर-अर्हकारी सेवा (Non-qualifying service) और लंबित विभागीय या न्यायिक जांच का उल्लेख न करना भी गंभीर त्रुटि माना गया है।सरकार ने सभी डीडीओ (ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर) को निर्देश दिए हैं कि महालेखाकार को पेंशन केस भेजने से पहले सभी दस्तावेजों की गहन जांच सुनिश्चित करें। सरकार का उद्देश्य है कि पेंशन मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निपटारा हो तथा कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।