ककीरा में स्वामी हरीगिरी सन्यास आश्रम में 56वां महारूद्र महायज्ञ सम्पन्न, विश्व कल्याण की कामना

भटीयात/ ककीरा 11 मई चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश के चंबा के बक्लोह कैंट के समीप स्वामी श्री हरिगिरी सन्यास आश्रम, ककीरा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य महारूद्र महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। जेष्ठ कृष्ण पंचमी से नवमी तक पांच दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान में देशभर से विद्वान ब्राह्मणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।यह महायज्ञ पिछले 56 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जिसकी परंपरा चार पीढ़ियों से ज्योतिर्विद पंडित भारद्वाज गोत्रीय गोरवाल ब्राह्मण परिवार द्वारा निभाई जा रही है।

इस वर्ष भी मुख्य यजमान के रूप में श्री छोगालाल ओझा जी के वंशज—गोविंद राम ओझा जी, परेश भाई, रवि भाई, सोमू भाई तथा हर्षित भाई ओझा ने सपरिवार सहभागिता निभाई।यज्ञ के आचार्य पद पर प्रतिष्ठित विद्वान आचार्य शान्तिलाल जी की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके सुपुत्र वेदरत्न आचार्य प्रफुल्ल भाई दवे ने यज्ञ का संचालन किया। ब्रह्मा पद पर वेद पारंगत विद्वानों सहित विभिन्न ऋत्विकों, वेदपाठियों और ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ को संपन्न कराया।

अनुष्ठान के दौरान नवग्रह याग, व्याहृति होम, लक्ष्मी होम, फल होम, गुग्गल-सर्षप होम सहित कुल 2,19,131 आहुतियां अर्पित की गईं। इसके साथ ही पूर्णाहुति और बसोर्धारा के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।इस पावन परंपरा की शुरुआत ब्रह्मलीन स्वामी राजेश्वरानंद भारती जी महाराज द्वारा अपने गुरु स्वामी हरि गिरि जी महाराज की पुण्यतिथि पर की गई थी। आयोजन समिति ने बताया कि यज्ञ का उद्देश्य विश्व शांति और समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से इस दिव्य परंपरा से जुड़कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया।
