गद्दी संस्कृति पर बयानबाजी को लेकर विवाद तेज, जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने विधायक जनक राज को दिया कड़ा जवाब

चंबा, 29 जून मुकेश कुमार (गोल्डी)
गद्दी संस्कृति और पारंपरिक पहनावे को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भरमौर-पांगी के विधायक जनक राज द्वारा मुख्यमंत्री पर उठाए गए सवालों के जवाब में जिला कांग्रेस कमेटी चंबा के अध्यक्ष एडवोकेट सुरजीत शर्मा भरमौरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।एडवोकेट सुरजीत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गद्दी समुदाय और उसकी समृद्ध संस्कृति को सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के पहले ऐसे नेता हैं जिन्होंने भेड़पालकों और घुमंतू पशुपालकों के दर्द को समझते हुए उनके हित में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने छतराड़ी जातर मेले को 31 वर्षों के बाद राज्य स्तरीय दर्जा मिलने को भी गद्दी संस्कृति के सम्मान से जोड़ा।

उन्होंने विधायक जनक राज के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री के पारंपरिक “चोलू और डोरा” पहनने पर राजनीति की जा रही है, तो फिर सांसद कंगना रनौत के भरमौर दौरे के दौरान गद्दी पारंपरिक वेशभूषा—डोरा, रिढ़ा और गोजरू—न पहनने पर भी जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने इसे संस्कृति के प्रति दोहरे मापदंड करार दिया।जिला अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री द्वारा भेड़पालकों के हित में किए गए कार्यों को भी गिनाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऊन का समर्थन मूल्य 100 रुपये तय किया, आपदा के दौरान भेड़-बकरियों के नुकसान पर 7 हजार रुपये प्रति पशु मुआवजा दिया तथा घुमंतू पशुपालकों के परमिट सिस्टम में सुधार किया। इसके अलावा “पहल योजना” के तहत 300 करोड़ रुपये का प्रावधान कर पशुपालकों के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़ा भंगाल जैसे दुर्गम क्षेत्र में मुख्यमंत्री द्वारा पारंपरिक वेशभूषा पहनना सम्मान का प्रतीक है, न कि राजनीति का विषय। अंत में उन्होंने विधायक से सवाल किया कि संस्कृति के सम्मान को लेकर अलग-अलग पैमाने क्यों अपनाए जा रहे हैं।यह बयान गद्दी संस्कृति को लेकर प्रदेश में चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।