चंबा में जल एवं सीवरेज शुल्क वृद्धि पर उठे सवाल, सामाजिक संगठनों ने सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब

चंबा, 2 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने जल एवं सीवरेज शुल्क में की गई बढ़ोतरी और पिछले कई महीनों से बिल भुगतान प्रक्रिया बंद रहने के मुद्दे को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं जल शक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्ट स्थिति सार्वजनिक करने तथा उपभोक्ताओं की शंकाओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई है।सामाजिक संगठनों का कहना है कि सितंबर 2025 के बाद से जल एवं सीवरेज बिलों का भुगतान स्वीकार नहीं किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

वर्ष 2025 में जल शक्ति विभाग द्वारा पानी और सीवरेज शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि की गई थी। इसके साथ ही जल मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया था और ऐसा नहीं करने पर कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई थी, जिसका जिलेभर में व्यापक विरोध हुआ था।ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शुल्क वृद्धि के विरोध के बीच विभाग ने कोई ठोस समाधान देने के बजाय बिलों का भुगतान लेना ही बंद कर दिया। अब तक उपभोक्ताओं को न तो कोई लिखित सूचना दी गई है और न ही विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया गया है। इससे आम लोगों को बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 16 फरवरी 2026 को भी इसी विषय पर ज्ञापन दिया गया था, लेकिन दो महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद न तो कोई बैठक आयोजित की गई और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस पहल की गई।

संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बिल भुगतान प्रक्रिया पर रोक के कारण स्पष्ट किए जाएं, यह बताया जाए कि यह व्यवस्था अस्थायी है या स्थायी, भविष्य में जल आपूर्ति को लेकर नीति क्या होगी और लंबित बिलों की एकमुश्त वसूली को लेकर उपभोक्ताओं की आशंकाओं को दूर किया जाए। अंत में उपमुख्यमंत्री से जनहित में शीघ्र लिखित स्पष्टीकरण जारी करने या चंबा में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है, ताकि आम जनता को पारदर्शी जानकारी मिल सके।