पांगी के मिंधल माता मंदिर की संपत्ति के गबन मामले में पुजारी दोषी, एक साल की सजा

चंबा 11 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चंबा निखिल अग्रवाल की अदालत ने मंदिर की संपत्ति के गबन से जुड़े करीब 13 वर्ष पुराने मामले में बुधि राम पुत्र जयदास, निवासी गांव मिंधल, तहसील पांगी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 406 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।मामला वर्ष 2013 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 19 जुलाई 2013 को सब मैनेजमेंट कमेटी मिंधल माता मंदिर की बैठक आयोजित की गई थी। उस समय बुधि राम मंदिर में पुजारी के पद पर कार्यरत था। बैठक के दौरान उसने अपना कार्यभार छोड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद जब मंदिर प्रबंधन की ओर से चार्ज लिया गया तो मंदिर की संपत्ति में शामिल कुछ महत्वपूर्ण सामान और चढ़ावे की राशि जमा नहीं पाई गई।जांच में सामने आया कि मंदिर की संपत्ति में शामिल एक सोने का छत्र, दो सोने की सुनवाइयां तथा 68 हजार रुपये की चढ़ावे की राशि उपलब्ध नहीं थी।

इसके बाद तहसीलदार पांगी की ओर से 22 अगस्त 2013 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बुधि राम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406 के तहत मामला दर्ज किया।पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में अदालत के समक्ष 15 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष मंदिर की संपत्ति के गबन का आरोप साबित करने में सफल रहा।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले से जुड़े साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने बुधि राम को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला न्यायवादी दिनेश कुमार ने मामले की पैरवी की। उप जिला न्यायवादी नवीन कुमार ने मामले की जानकारी दी।
