डलहौजी में लीडरशिप बूटकैंप के दूसरे दिन युवाओं ने सीखे सेवा भाव, स्वास्थ्य और करियर नियोजन के गुर

डलहौजी/ चम्बा 11 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
मेरा भारत (MY Bharat), चंबा, हिमाचल प्रदेश की ओर से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से यूथ हॉस्टल डलहौजी में आयोजित तीन दिवसीय लीडरशिप बूटकैंप के दूसरे दिन विभिन्न ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में युवाओं को सेवा भाव, स्वयंसेवकवाद, शारीरिक शिक्षा और करियर मार्गदर्शन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।राजकीय महाविद्यालय चंबा के प्राणी विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं जिला चंबा एनएसएस नोडल अधिकारी प्रो. अविनाश ने सेवा भाव एवं युवा स्वयंसेवकवाद पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सेवा भाव का अर्थ बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की सहायता करना है। सेवा केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद की मदद करना, बुजुर्ग को सड़क पार करवाना, पौधारोपण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान में भागीदारी, आपदा के समय राहत कार्य तथा किसी विद्यार्थी को पढ़ाना भी सेवा के उदाहरण हैं।उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि सेवा को किसी एक दिन या कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जीवन-मूल्य के रूप में अपनाएं। युवाओं के पास ऊर्जा, समय, तकनीकी ज्ञान और बदलाव की इच्छा है।

आवश्यकता इन क्षमताओं को सकारात्मक दिशा देने की है, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।दूसरे सत्र में उन्होंने शारीरिक शिक्षा और करियर मार्गदर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ युवा ही सक्षम युवा होता है और सक्षम युवा राष्ट्र के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है। उन्होंने युवाओं को शरीर को सक्रिय, मन को सकारात्मक और कौशल को निरंतर विकसित रखने की प्रेरणा दी।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य हमारी पूंजी, शिक्षा हमारी शक्ति, कौशल हमारी पहचान और सही करियर हमारा भविष्य है। इन सत्रों से प्रतिभागियों में नेतृत्व, आत्म-जागरूकता, करियर नियोजन, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सेवा भावना को मजबूती मिली। कार्यक्रम के अंत में जिला युवा अधिकारी राहुल गर्ग ने प्रो. अविनाश को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।