चंबा कॉलेज में एनसीसी कैडेट्स के चयन को लेकर आयोजित हुई चयन प्रक्रिया, 39 कैडेट्स का हुआ नामांकन

चंबा 13 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
चंबा 13 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
राजकीय उत्कृष्ट स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंबा में बुधवार को 9 हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) बटालियन, डलहौजी के तत्वावधान में प्रथम वर्ष के एनसीसी कैडेट्स के नामांकन एवं चयन तथा द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के कैडेट्स के गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) पूर्व चयन के लिए विशेष चयन प्रक्रिया आयोजित की गई। इस दौरान विद्यार्थियों में एनसीसी के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।महाविद्यालय के एनसीसी प्रभारी लेफ्टिनेंट एवं एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर (एएनओ) डॉ. केवल कृष्ण ने बताया कि एनसीसी की 39 सीटों के लिए आयोजित चयन प्रक्रिया में करीब 130 विद्यार्थियों ने भाग लिया। चयन के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा, लिखित परीक्षा, ड्रिल प्रदर्शन तथा व्यक्तिगत साक्षात्कार सहित विभिन्न चरणों का आयोजन किया गया।

सभी चरणों के सफल संचालन के बाद 39 कैडेट्स का चयन कर उनका नामांकन किया गया।चयन प्रक्रिया में 9 हिमाचल प्रदेश एनसीसी बटालियन, डलहौजी के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल बी.जे.एस. सिंधु, प्रशिक्षण जेसीओ राज कुमार राणा, हवलदार रवि तथा हवलदार संतोष सहित पीआई स्टाफ और सेना के अधिकारी उपस्थित रहे। कर्नल सिंधु ने प्रतिभागी कैडेट्स के व्यक्तिगत साक्षात्कार लिए तथा उन्हें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, कठिन परिश्रम और राष्ट्र सेवा के महत्व के बारे में प्रेरित किया।इसके अतिरिक्त द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के आठ वरिष्ठ कैडेट्स के लिए आरडीसी चयन प्रक्रिया भी आयोजित की गई। ड्रिल स्क्वायर टेस्ट (डीएसटी) के आधार पर चार एसडी और चार एसडब्ल्यू कैडेट्स का चयन किया गया।

चयनित कैडेट्स आगामी चरणों में भाग लेते हुए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित गणतंत्र दिवस शिविर तक पहुंचने का अवसर प्राप्त कर सकते हैं।इस अवसर पर पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंबा के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट धीरज सिंह भी उपस्थित रहे। वहीं वरिष्ठ कैडेट्स एसयूओ तेज सिंह, यूओ कनिका, सार्जेंट रोहित कालिया, गौतम वर्मा, चुनी लाल, परविंदर और कविता ने आयोजन में सहयोग दिया।महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. राकेश राठौर ने चयन प्रक्रिया के सफल आयोजन पर सभी अधिकारियों, एनसीसी स्टाफ एवं कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनसीसी विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व, देशभक्ति और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है तथा चयनित कैडेट्स भविष्य में संस्थान और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
