मानसिक बीमारी व बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर पुलिस अधिकारियों को किया जागरूक

मानसिक बीमारी व बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर पुलिस अधिकारियों को किया जागरूक

चम्बा 31 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्बा की ओर से Legal Services Unit for Manonmoy (LSUM) के अंतर्गत पुलिस थाना सदर, चम्बा में जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 14 अन्वेषण अधिकारियों (Investigating Officers) ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन NALSA (Legal Services to Persons with Mental Illness and Persons with Intellectual Disabilities) Scheme, 2024 के उद्देश्यों के अनुरूप किया गया।कार्यक्रम के दौरान मानसिक बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों तथा बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों के विधिक अधिकारों, पात्रताओं और उन्हें उपलब्ध कानूनी उपचारों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने प्रतिभागियों को प्राधिकरण की ओर से प्रदान की जाने वाली निःशुल्क एवं सक्षम विधिक सहायता तथा मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित लोगों के लिए उपलब्ध विभिन्न विधिक सेवाओं से अवगत करवाया।उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने में पुलिस तथा अन्वेषण अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा प्रभावित व्यक्तियों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सहायता के बारे में जानकारी देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) श्री नवीन ठाकुर ने प्रतिभागियों को विधिक सहायता व्यवस्था और आपराधिक न्याय प्रणाली में विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका के संबंध में जानकारी प्रदान की।

उन्होंने जरूरतमंद व्यक्तियों तक समय पर कानूनी सहायता पहुंचाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।कार्यक्रम में डॉ. नीरज शर्मा, विभागाध्यक्ष, मनोचिकित्सा विभाग, पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल, चम्बा ने मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। उन्होंने प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करते हुए मानसिक बीमारी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रम, भ्रांतियों और सामाजिक कलंक को दूर करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ऐसे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील, सम्मानजनक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया।इस दौरान अधिकारियों के साथ व्यावहारिक पहलुओं पर भी संवाद किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को मानसिक बीमारी एवं बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाना रहा, ताकि उन्हें आवश्यकता के अनुसार समय पर उचित विधिक एवं अन्य सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।

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