ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर डीसी ने दिए सख्त निर्देश

चम्बा, 15 सितंबर चम्बा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला मुख्यालय चम्बा में उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में कचरा संग्रहण, स्रोत स्तर पर पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण तथा वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हैं। इन नियमों का दायरा शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों के साथ-साथ सरकारी, निजी, वाणिज्यिक और संस्थागत क्षेत्रों तक है।उपायुक्त ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पंचायत स्तर पर ऐसे क्लस्टर चिन्हित करें, जहां आबादी अधिक होने के साथ सफाई एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की आवश्यकता भी अधिक है। उन्होंने इन क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार प्लास्टिक कचरा संग्रहण केंद्र स्थापित करने तथा एकत्रित प्लास्टिक कचरे को निर्धारित वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाना सुनिश्चित करने को कहा। संबंधित क्षेत्र में प्लांट उपलब्ध न होने की स्थिति में कचरे को नजदीकी अधिकृत संग्रहण अथवा प्रसंस्करण केंद्र में जमा करवाने के निर्देश दिए।

उन्होंने पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण, कचरा संग्रहण एवं निस्तारण का नियमित रिकॉर्ड तथा पंचायतवार अद्यतन डाटा तैयार करने पर विशेष जोर दिया।उपायुक्त ने जैव-अवक्रमणीय एवं पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लास्टिक प्लेटों एवं अन्य एकल-उपयोग प्लास्टिक के स्थान पर पत्तल जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने को प्रोत्साहित करने पर बल दिया।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित सभी आंकड़े वास्तविक स्थिति पर आधारित, सत्यापित और अद्यतन हों, ताकि प्रशासन द्वारा प्रभावी निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अमित मेहरा, जिला विकास अधिकारी तिवेन्द्र चिनोरिया, अर्थशास्त्री ग्रामीण विकास विनोद कुमार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी तथा विभिन्न विकास खंडों के बीडीओ वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।