कैंपस सुरक्षा और छात्र कल्याण को लेकर डीजीपी अशोक तिवारी ने विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से किया संवाद
छात्रों की सुरक्षा, नशे की रोकथाम और शिकायत निवारण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर दिया जोर

शिमला 12 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी, आईपीएस ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ संवाद कर कैंपस सुरक्षा और विद्यार्थियों की संरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस संवाद का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसरों में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना, विद्यार्थियों के कल्याण को प्राथमिकता देना तथा पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।बैठक के दौरान छात्र सुरक्षा, परिसर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नशे के दुरुपयोग की रोकथाम और विद्यार्थियों की समस्याओं के प्रभावी समाधान जैसे विषयों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसरों को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने और विद्यार्थियों को भयमुक्त एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।डीजीपी अशोक तिवारी ने छात्र जीवन में सुरक्षा और मानसिक सुकून के महत्व को ध्यान में रखते हुए शिकायतों के निवारण की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा की। उन्होंने पुलिस प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच नियमित संवाद तथा आपसी सहयोग को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि विद्यार्थियों से संबंधित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

संवाद में नशे की समस्या की रोकथाम को भी महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में शामिल किया गया। शैक्षणिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, विद्यार्थियों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने और नशामुक्त वातावरण को प्रोत्साहित करने के लिए पुलिस एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।इसके अतिरिक्त, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और विद्यार्थियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।इस पहल को प्रदेश के विश्वविद्यालयों में सुरक्षित, अनुशासित और विद्यार्थी हितैषी वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से छात्रों की सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।