डलहौजी में जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आगाज, 26 स्कूलों की 324 छात्राएं दिखाएंगी प्रतिभा
मुख्य अतिथि डॉ. पूनम राय धवन ने विद्यालय को दी 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

डलहौजी/चम्बा 16 अक्टूबर चंबा न्यूज़ एक्सप्रेस (ब्यूरो)
पीएम श्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डलहौजी में अंडर-19 छात्राओं की दो दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता में चंबा जिले के लगभग 26 विद्यालयों की 324 छात्राएं विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।कार्यक्रम में डलहौजी हिल टॉप स्कूल की अध्यक्ष डॉ. पूनम राय धवन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य वंदना शर्मा और स्टाफ ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया, जबकि छात्राओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिनंदन किया। इसके बाद प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि को बैज, शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत ओएसडी श्रीमती गुरप्रीत कौर ने ऑर्केस्ट्रा विधा का शुभारंभ करवाया।

प्रतियोगिता में भाग ले रही छात्राओं ने मधुर संगीत प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन टूर्नामेंट कन्वीनर गुलशन पाल और स्थानीय विद्यालय के शिक्षक वीरेंद्र ठाकुर ने किया। इस दौरान डीएसएसए चंबा के अधिकारियों ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।अपने संबोधन में डॉ. पूनम राय धवन ने छात्राओं के साथ अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में राज्य स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हुए आशीर्वाद दिया। छात्राओं की प्रस्तुतियों में चंबा जिले की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं की झलक देखकर वह भावविभोर हो गईं। उन्होंने अपनी ओर से विद्यालय को 31 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि भेंट की। विद्यालय प्रबंधन, स्टाफ और छात्राओं ने इस सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

दो दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान सुभाषितानि, सुगम संगीत, भाषण, शास्त्रीय गायन, एकांकी, संस्कृत गीतिका, लोकनृत्य और ऑर्केस्ट्रा सहित विभिन्न विधाओं में छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं की सांस्कृतिक प्रतिभा को मंच प्रदान करना और पारंपरिक कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देना है।