बनीखेत में साप्ताहिक निरंकारी सत्संग आयोजित, मानवता और आत्मज्ञान का दिया संदेश

डलहौजी/चम्बा 16 अगस्त मुकेश कुमार (गोल्डी)
बनीखेत स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में साप्ताहिक सत्संग का आयोजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम में प्रचार टूर के अंतर्गत पंजाब के दुनेरा से पधारे महात्मा विचित्र सिंह ने संगत को संबोधित करते हुए आत्मज्ञान और परमात्मा की प्राप्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन का सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जीवन का उद्देश्य क्या है और अंतिम मंजिल कौन-सी है। इसका उत्तर केवल सतगुरु की शरण में ही प्राप्त होता है।

सतगुरु ब्रह्मज्ञान प्रदान कर आत्मा को परमात्मा से जोड़ते हैं तथा मनुष्य को उसके वास्तविक स्वरूप और जीवन के लक्ष्य का बोध कराते हैं। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का एकमात्र उद्देश्य प्रभु परमात्मा की प्राप्ति है।महात्मा विचित्र सिंह ने कहा कि परमात्मा कण-कण में व्याप्त है, लेकिन उसका अनुभव पूर्ण गुरु की कृपा से ही संभव है। उन्होंने संगत को सतगुरु के बताए मार्ग पर चलने, मानवता से प्रेम करने तथा जीवन में पांच प्रणों को अपनाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर शाखा संयोजक महात्मा एच. एस. गुलेरिया ने कहा कि संत निरंकारी मिशन की विचारधारा मानवता, प्रेम, विनम्रता और निराकार परमात्मा की सर्वव्यापकता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि “तू ही निरंकार, मैं कुछ नहीं” का भाव अपनाकर अहंकार का त्याग करना और प्रत्येक मनुष्य में ईश्वर का दर्शन करना ही सच्चे जीवन का आधार है। उन्होंने सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के प्रेम, नम्रता और संतोष के संदेश को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
